शाम कुछ मायूस थी...
मै अपने काम में कुछ ज्यादा ही मसरूफ थी..
ध्यान ही नहीं दिया वो की वो आ रही है.
बड़ी देर बाद एहसास हुआ वो जा रही है ,
अब थोड़ी देर में रात हो जाएगी ,
शाम की मायूसी मेरे साथ सो जाएगी..
मै अचानक उठी, भागी, और उसके पास जा बैठी..
और मेरे साथ शाम फिर खिलखिला उठी..|
-ममता पंडित
मै अपने काम में कुछ ज्यादा ही मसरूफ थी..
ध्यान ही नहीं दिया वो की वो आ रही है.
बड़ी देर बाद एहसास हुआ वो जा रही है ,
अब थोड़ी देर में रात हो जाएगी ,
शाम की मायूसी मेरे साथ सो जाएगी..
मै अचानक उठी, भागी, और उसके पास जा बैठी..
और मेरे साथ शाम फिर खिलखिला उठी..|
-ममता पंडित
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